Vansh Vrikshaवंश
विरासत पत्रिका

ब्लॉग

अपनी भारतीय वंशावली की जड़ों को खोजने के लिए कहानियाँ, विज्ञान और चरण-दर-चरण मार्गदर्शिकाएं।

विशेष लेख
कैसे-करें

पीढ़ियों का मेल: दादा-दादी के किस्सों को बनाएं बच्चों के लिए 'वंश खोज' ट्रेजर हंट

स्मार्टफोन जनरेशन के बच्चों को उनकी जड़ों से जोड़ने के लिए, परिवार के इतिहास को एक रोमांचक गेम में बदलें।

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नवीनतम कहानियाँ
इतिहास

बँटवारे के जख्म और बिखरे वंशवृक्ष: 1947 की खोई जड़ों को दोबारा कैसे खोजें

शरणार्थी दावों, कैंप के दस्तावेजों और लायलपुर, लाहौर व ढाका की स्मृतियों के जरिए अपने पुरखों के खोए हुए इतिहास को फिर से जोड़ने की एक व्यावहारिक गाइड।

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परंपरा

श्राद्ध, सपिण्डीकरण और आपकी वंशावली: क्यों जरूरी हैं तीन पीढ़ियों के नाम?

जानिए क्यों पितृपक्ष और पिण्डदान में परदादा तक के नाम अनिवार्य होते हैं, और कैसे एक व्यवस्थित वंशावली आपके पूर्वजों की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।

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विज्ञान

क्या डीएनए टेस्ट से आपका गोत्र पता चल सकता है? विज्ञान और परंपरा का सच

क्या आधुनिक जेनेटिक्स के R1a और H हैप्लोसमूह हमारे प्राचीन ऋषियों के गोत्र से मेल खाते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक सच और गोपनीयता के खतरे।

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परंपरा

हमारी वंशावलियों में 'लाडो' का नाम क्यों नहीं था? मातृवंश को सहेजने का व्यावहारिक तरीका

पुरानी बहियों और वंशावलियों में छूटे अपनी माताओं-दादियों के नामों को खोजने और उन्हें अपने डिजिटल वंश वृक्ष में सम्मान देने की एक व्यावहारिक गाइड।

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इतिहास

मिथिला की अमूल्य धरोहर: मैथिल पंजी प्रबंध और अपने वंश की खोज का व्यावहारिक तरीका

700 साल पुराना यह जीवित पुस्तकालय न केवल आपके पुरखों का लेखा-जोखा रखता है, बल्कि आज भी हमें वैज्ञानिक रूप से हमारे पारिवारिक इतिहास से जोड़ता है।

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परंपरा

आपकी कुलदेवी का मंदिर आपके पैतृक गांव से इतनी दूर क्यों है? जानिए शाखा प्रवास का विज्ञान

अगर आप भी सोचते हैं कि शादी-ब्याह या मुंडन पर कुलदेवी के दर्शन के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर किसी अंजान गांव क्यों जाना पड़ता है, तो इसका राज हमारे पूर्वजों की 'शाखा प्रवास' में छिपा है।

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प्रवासी

सात समंदर पार से वापस अपनी माटी तक: गिरमिटिया पूर्वजों को खोजने की व्यावहारिक गाइड

फिजी, मॉरीशस और कैरेबियन देशों में बसे गिरमिटिया वंशजों के लिए कोलकाता बंदरगाह के पुराने रिकॉर्ड्स और डिपो नंबर के जरिए भोजपुरी-अवधी गांवों में अपनी जड़ों को ढूंढने का एक आसान और सटीक मार्गदर्शक।

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परंपरा

क्या गोत्र सिर्फ ब्राह्मणों के लिए है? जानिए जाट, मराठा और शिल्पकारों के गोत्र का अनूठा इतिहास

अक्सर लोग गोत्र को सिर्फ एक वर्ग से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि योद्धाओं, व्यापारियों और शिल्पकारों ने भी अपनी वंशावली को बचाने के लिए गोत्र व्यवस्था को उतनी ही शिद्दत से संजोया है।

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परंपरा

सात पीढ़ियों का सच: विज्ञान, पितृ-ऋण और अपनी वंशावली को अमर बनाने का तरीका

जानिए क्यों हमारे पूर्वजों ने सात पीढ़ियों (सपिंड) तक के संबंध को सहेजने पर जोर दिया, और कैसे आज हम इस अमूल्य धरोहर को लुप्त होने से बचा सकते हैं।

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